corona virus लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
corona virus लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

7 मई 2021

कोरोना एक महामारी है और महामारी को हराना है तो एक दूसरे के साथ देना जरूरी है

कोरोना एक महामारी है, सारे दुश्मनी भुलाकर एक दूसरे का साथ दें। तभी कोरोना को हरा पायेंगे वरना रावण रूपी कोरोना को हरा पाना मुश्किल काम है। अगर आप सरकार के भरोसे बैठे है तो यह गलत है। सरकार तो अपना काम करे या न करें। हमे अपना ख्याल रखाना तो हमारा कार्य है न कि सराकार का। 

Corona Ek Mahamari Hai

जब आप बीमार पड़ जाते है तो उसके बाद आप सराकार के सहारे से ईलाज करवाते हैं। उससे पहले तो आपको खुद का ख्याल रखना जारुरी है। आप जानते हैं कि हामरे देश की आबादी 135 करोड़ के आस पास है। कोरोना कितने को अचानक चपेट में लेने लगा। ऐसे में कोई भी सरकार हो फेल तो हो ही जायेगा ना।  इसलिए सरकार को कोसने से अच्छा हो कि आप लोग आपस में मिलकर रहे और एक दूसरे की सहायता करें। चलिए आपके एक कहानी से समझाते हैं- 

एक व्यक्ति को कोरोना हो गया। उसे उसका बेटा Doctor पास ले गया। Doctor ने मरीज की जांच की और उसके बेटे को स्पष्ट कह दिया कि जल्दी से Plasma donor का इंतेजाम कर लों नहीं तो कुछ भी हो सकता है। 


बेटे को अब तो कुछ भी नही समझ आ रहा था। पास में ही उसकी मां फफक-फफक कर रो रही थी। सामने बेड पर थे पिताजी बेहद ही सीरियस थे। बेटे ने सब जगह तो देख लिया था, सबसे गुहार कर ली थी लेकिन B positive plasma का कोई इंतजाम नहीं हुआ। देखा जाएं तो B positive plasma उनके घर पर ही था। कुछ महीने पहले उसके चाचा जी ने कोरोना को हराया था। बेट सोच रहा था कि चाचा से कहे तो कैसे कहे। चाचा जी से कुछ विवाद था। बेटा सोच रहा था कि चाचा जी को कहुंगा तो वे मना कर देंगे। इसके बाद वह माता जी को पिताजी के पास छोड़कर plasma के इंतेजाम के लिए शहर चला गया। दोपहर गुजर गी लेकिन कोई B Positive plasma का डोनर नहीं मिला। थक हार कर घर लौट गया।


घर पर आकर माता जी से चिपककर फूट-फूट कर रोने लगा। फिर बोला कि माताजी कोई डोनर नहीं मिला। पास में ही उसके चाचा जी बैठे थे। उन पर नजर पड़ी तो कुछ बोल नहीं पाया। चाचाजी खुद ही उसके पास आये और बोले कि तु कुछ नहीं बतायेगा तो क्या मुझे पता नहीं चलेगा। चाचा जी बेटे की आंसू को पोछते हुए बोले कि तेरा बाप मेरा भाई है। संकट और इस महामरी के समय में हमे एक दूसरे का साथ देना चाहिए। हमारा वाद विवाद जो हो उसकी जगह कहीं और पर है। भाई रहेगा तभी तो हम आपस में लड़ेगे और हस्सी मजाक करेंगे। जब भाई ही नहीं बचेगा तो मैं किस से लड़ाई करुंगा। अभी हमारा दुश्मन कोरोना है न कि भाई। पहले हमें कोरोना को हराना है। विवाद हम बाद में भी देख लेंगे। मैने Plasma दे दिया है। अब चुप हो जा। 


दोस्तों आशा करता हूं कि आपको इस कहानी के माध्यम से समझा पाया हुंगा कि अभी हमें मिलकर एक दूसरे का साथ देना है और कोरोना को हराना है। रावन के तो दस सिर थें, कम से कम वह दिखाई देता था तो श्रीराम भगवान ने मुकाबला किया था। मगर अभी जिस शैतान से सारी दुनियां लड़ रही है उसे लाखों सिर है जो दिखाई नहीं देते। वह हर वक्त अपना रूप बदता रहता है। ऐसे में यदि हम एक दूसरे की सहायता न करे तो क्या हम कोरोना को हरा पायेंगे। 


मैं जब भी खुद से नहीं हारा तो इस कोरोना वायरस की क्या औकात है |


एक-दूसरे का साथ दें, मास्क लगाकर रखें, उचित दूरी बनाकर रखें। तभी कोरोना को हरा पायेंगे। 


जय हिंद! जय भारत!

कोरोना से संबंधित कुछ सुविचार


कोरोना से संबंधित कुछ अन्य लेख



18 अप्रैल 2021

सफाई, दवाई, कड़ाई तभी जीतेंगे कोरोना से लड़ाई

सफाई, दवाई, कड़ाई तभी जीतेंगे कोरोना से लड़ाई

दोस्तों आज भारत में हर कोई Corona Mahamari को लेकर परेशान है। हम जब भी अपने टीवी पर News Channel को देखते हैं तो एक ही बात देखने को मिल रहा है कि कोरोना Patient की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। बहुत से लोग तो इसकी वजह से बहुत नकारात्मक हो गये हैं। हमें एक बात ध्यान में रखना चाहिए कि भले ही Corona की Positivity Rate बढ़ रही हो लेकिन हमें इसे लेकर कभी नेगेटिव नहीं होना है। क्योंकि हमें कोरोना से यह लड़ाई जीतनी है। 

सफाई, दवाई, कड़ाई तभी जीतेंगे कोरोना से लड़ाई

हमें यदि Corona को हराना है तो एक मंत्र हमें बार-बार दोहराना होगा। वह यह है कि सफाई, दवाई और कड़ाई तभी जीतेंगे कोरोना से लड़ाई। इस Mantra का मतलब यह है कि आप अपने घरों में सफाई रखें तथा स्वच्छता खा ख्याल रखें। इसके बाद यदि कोई मुश्किल हो तो दवाई से उस मुश्किल को ठीक करें। दवाई लेने के लिए डाक्टर की जरुरत हो तो उनका सलाह लें। इसके साथ ही साथ ही अपने घर के बच्चों को समझाएं कि बेवजह घर से बाहर न निकलें।  जब आप इन बातों पर अमल करने लगेंगे तो हम अवश्य ही कोरोना से जीत सकते हैं। हमें एक बात समझना होगा कि केवल सरकार अकेले Corona से नहीं लड़ सकती जब तक की आप सरकार का साथ न दें। हम और आप से मिलकर देश बना है केवल सरकार से नहीं। इसलिए हम दोनों को कंधे से कंधा मिलाकर कोरोना से लड़ना होगा। चोलों इस मंत्र का पालन करते हैं- बच्चों को है समझाना, बेवजह घर से बाहर नहीं जाना। 

Must Read: Covid-19 Corona ToolKit को अपनाये, कोरोना को दूर भगायें

Must Read: कोरोना वायरस से कैसे अपने आप को बचायें?'

दो गज दूरी, मास्क है जरूरी

दो गज दूरी, मास्क है जरूरी
' का मूल मंत्र भी हमे कोरोना से लड़ने का अचूक हथियार है। ध्यन रहे कि केवल इन मंत्र को जपने से भी कुछ नहीं होने वाला जबतक कि हम इंहे अमल में न लायें। 

आज बहुत से राजनीतिक दल ऐसे हैं जो कोरोनावायरस के खिलाफ इस लड़ाई को सीधा PM Narendra Modi से जोड़कर देख रहे हैं। जबकि यह एक आपदा है। यदि आप सोच रहे हैं कि इसकी लाड़ाई से केवल PM Narendra Modi को लड़ने दो  तो यह बहुत बड़ी गलती साबित हो सकती है। क्योंकि कोरोना कभी भी यह नहीं देखागा कि आप क्या है। इसलिए यह लड़ाई हम सबका है और हमे साथ में मिलकर लड़ना चाहिए। इसलिए दो गज दूरी का ख्याल रखें। मस्क लगाकर रखें। और अपने हैल्थ का ख्याल रखें। यह हामरी असली हथियार है। 

हमारे पास तीन इच्छा है  घर में रहना, अस्पताल में रहना, फोटो फ्रेम में रहना

तय हमें करना है सब कुछ करने मोदी  नहीं आएगा।

कोरोना से संबंधित कुछ सुविचार

15 अप्रैल 2021

Corona Virus Se Kaise Bache in Hindi | कोरोना वायरस से बचाव

कोरोना वायरस से कैसे अपने आप को बचायें?

Corona Virus se kaise apne aap ko bachaye?

Corona Virus से अपने आप को बचाने के लिए एक ही उपाय है। वह है खुद का देख भाल, दो गज की दूरी का पालन करना तथा हमेशा मास्क लगाकर रखाना।


COVID-19 से पीड़ित व्यक्ति के सम्पर्क में आपने पर क्या करें-

  1. स्वास्थ्य की देखभाल करने वाले Health Worker या COVID-19 Hotline पर जा कर अपना Test करवाये।  जांच करके पता लगायें कि कही आपको कोरोना वायरस का संक्रमण (Corona virus infection) तो नहीं हुआ है। 
  2. कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए Contact Tracing Procedure का साथ लें। 
  3. यदि Corona की जांच कराना सम्भव नहीं हो पा रहा हो तो तुरंत ही अपने आप को 14 दिनों के लिए Quarantine करें। घर के तथा अन्य सदस्यों से दूरी बनाए रखें।  
  4. जब आप Quarantine में हो तो अपने काम पर, स्कूल या सार्वजनिक स्थानों पर न जाएं। 
  5. यदि आपको किसी भी वस्तु या कोई चीज की जरुरत हो तो किसी से कह कर उपलब्ध करवायें। 
  6. अपने परिवार के सदस्यों से और दूसरों से कम से कम 1 मीटर की दूरी पर रहें। 
  7. दूसरों की सुरक्षा के लिए एक Medical mask पहनें। 
  8. यदि आपको चिकित्सक देखभाल (Doctor care) की आवश्यकता हो तो उसका प्रबंध करवायें।
  9. अपने हाथों को बार बार साफ करते रहें। 
  10. यदि संभव हो तो किसी अलग कमरे में रहे जहां पर Doctor के अलावा किसी अन्य का आना मना कर दें। 
  11. कोशिश करे कि आप किसी हवादार कमरे में रहे। 
  12. यदि आप अपने परिवार के साथ कमरा सझा करते हैं तो अपने बेड को कम से कम 1 मीटर अलग रखें।
  13. 14 दिनों के लिए Corona के किसी भी लक्षण आने या दिखने के लिए खुद की निगरानी करें।
  14. जरुरत पढ़ने पर अपने स्वास्थ्य देखभाल करने वाले को तुरंत कॉल करें, यदि इनमें से कोई लक्षण दिखाई दें तो साँस लेने में कठिनाई, बोलने में दिक्कत, भ्रम होना या छाती में दर्द होना आदि। 
  15. हमेशा अपने आप को सकारात्मक बनाये रखें। 
Note: ऊपर दी गई सारी जानकारी World Health Organization वेबसाइट से ली गई है। यह आर्टकिल एक जागरुकता अभियान के लिए लिखी गई है। हमें इस कोरोना वायरस महामारी से मिलकर लड़ना होगा। इसके लिए जरुरत है कि लोगों को इसकी सही जानकारी हो। कुछ लोग English में लिखी गई आर्टिकल को ठीक प्रकार से समझ नहीं पाते हैं। उनकी सुविधा के लिए हमने Hindi में इस आर्टिकल को प्रस्तुत किया है। आप भी हमारी मदद करें और सभी लोगों तक इसे फैलाने में हमारी मदद करें। धन्यवाद!

Corona Virus Se Kaise Bache in Hindi

हो धरती पर अगर जीवन को सुरक्षित बनाना,
तो कोरोना सुरक्षा के नियमों को ठीक प्रकार से अपनाना

 

कोरोना से संबंधित कुछ सुविचार

24 जन॰ 2021

Sakaratmak Soch Ka Mahatav

सकारात्मक सोच का महत्व और इसका जीवन पर प्रभाव

Sakaratmak Soch Ka Mahatav

दोस्तों Good Morning, आशा करता हूं आप सभी मजे में होंगे। आज मैं आपके साथ सकारात्मक सोच का महत्व share करने वाला हूं। सकारात्मक सोच (Positive Thinking) हमेशा जीवन में सफलता पाने में हमारी मदद करती है। Friends यदि आप Sakaratmak Soch के साथ कोई कार्य करते हैं तो उसमें आपको अवश्य ही सफलता मिलेगी। जीवन में सफल कौन नहीं होना चाहता। कभी कभी दूसरे व्यक्ति के सफलता की कहानी (Success Story)  को सुनकर हम आश्चर्य चकित हो जाते हैं। जब आप सफल व्यक्ति (Successful Person) के बारे में जांच पड़ताल करेंगे तो आपको उनके Life में एक चीज अवश्य देखने को मिलेगी कि वह हमेशा सकारात्मक सोच के साथ कार्य करता है। दोस्तों क्या आप Sakaratmak Soch का अर्थ जानते हैं। यदि जानते है तो बहुत अच्छी बात है और नहीं तो चलिये नीचे इसकी जानकारी लेते हैं।

Sakaratmak Soch Ka Mahatav

सकारात्मक सोच क्या है?

सकारात्मक सोच एक भावनात्मक और मानसिक दृष्टिकोण है जो हमें अच्छे Lakshya पर केंद्रित रहने के लिये प्रेरित करता है। यह हमारे हमें स्वास्थ्य रहने में मदद करता है और सफलता की कुंजी भी यही है। Positive Thinking की शक्ति बहुत अधिक माहत्वपूर्ण है। यह किसी व्यक्ति के बने बनाये कार्य को बना भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है क्योंकि यह आपके Vichar को प्रभावित करता है। आप अपने कार्य में सफल होते हो या नहीं। इस पर इसका पूरी तरह से नियंत्रण होता है।


वर्तमान समय में जब दुनिया कोरोना वायरस (Corona Virus) के प्रसार से परेशान है वहीं दूसरी ओर बहुत सारे देश ऐसे भी है जहां के कुछ व्यक्तियों के Sakaratamak Soch के कारण करोना पर ब्रेक भी लग चुका है। यहां पर हम अपने देश भारत की बात कर रहे हैं। भारत में बहुत सारे ऐसे व्यक्ति मिल जायेंगे जो आपको यह जरुर बता देंगे कि अभी हमें क्या करना चाहिये और क्या नहीं। क्या करेंगे तो हम Corona से बच जायेंगे। इस प्रकार की सोच तो एक सकारात्मक व्यक्ति (Positive Person) में ही हो सकता है। दोस्तों यदि आप इस पर अमल कर रहे हैं तो आप जरुर सकारात्मक सोच रखते हैं।


यदि आपका मन चिंताओं से मुक्त है और स्पष्ट है तो आप सकारात्मक सोच के लिये ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। जब आपके दिमाग में केवल सकारात्मक सुविचार (Positive thought) आते हैं तो हमारे आस-पास की सभी चिंतायें और दोष दूर हो जाते हैं। इसी तरह से हमसे से जो लोग Corona के बारे में सोच रहे हैं और गंभीर है, उनके पास Corona पैर भी नहीं पसार पा रहा है। सकारात्मक सोच इस कठीन समय में बहुत जरुरी है। इस समय यदि हम लोग Sakaratamk Soch के साथ सावधानी बरतते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये कार्य करे तो हमे उसमें निश्चित ही सफलता मिलेगी।


अपने सकारात्मक ऊर्जा को आप जितना अधिक अपने जीवन में निवेश करेंगे उतना जल्दी आपको सफलता मिलेगी। याद रखिये कि सकारात्मक विचार न केवल हमें Sakaratmak Urja प्रदान करते हैं, बल्कि सभी चिंताओं और बाधाओं को दूर करके नकारात्मक ऊर्जा को कम करते हैं। सकारात्मक सोच और सकारात्मक कार्य (Positive Work) जब एक साथ मिलता है तो Success अवश्य मिलती है। ऐसे बहुत सारे तरीके होते हैं जिससे हम अपने सोच को सकारात्मक कर सकते हैं। चलिये जानते हैं कैसे-


सकारात्मक सुविचार का प्रभाव

जैसा हम सोचते हैं वैसा ही बन जाते हैं। यदि हम किसी तरह से अपने दिमाग में सकारात्मक सुविचारों (Sakaratmak Suvihcar) को भर लेते हैं तो वह हमें सफलता दिलाने में मदद करते हैं। यह विपरीत तरीके से भी काम करता है। यदि हमारा मस्तिष्क सुस्त है और नकारात्मक विचारों (Nakaratmak Vichar) से भरा हुआ है तो बहुत अधिक संभावना है कि वे नकारात्मक चीजे घटीत होने लगे जिसके बारे में आप विचार कर रहे थें। दोस्तों यदि आप छात्र है तो आप अपने एग्जाम की तैयारी के दौरान केवल यरी करेंmak Soch। इससे आपके Exam में आपको सफलता मिलेगी।


योग, व्यायाम और ध्यान

हम अपने अंदर की सकारात्मक सोच को बनाये रखने के लिये योग, व्यायाम और ध्यान का सहारा लेना चाहिये। जब हम किसी प्रकार से योग, व्यायाम और ध्यान करते हैं तो हमारा शरीर शिथिल हो जाता है और हमारे अंदर सकारात्मक ऊर्जा और विचार उत्पन्न होने लगता है। छात्र जीवन के लिये यह बहुत ही जरूरी है क्योंकि यदि उनका विचार सकारात्मक होगा तो वे अपने एग्जाम की तैयारी अच्छी तरह से कर सकते हैं।


संगीत

यदि आप व्यायाम करने या ध्यान करने में असमर्थ है क्योंकि आपके पास इसके लिये समय नहीं है तो आप संगीत के सहारे अपनी अंदर सकारात्मक ऊर्जा का निर्माण कर सकते हैं। संगीत सुनना सकारात्मक सोच के लिये लाभदायक होता है। किसी भी तरह का संगीत जो हमें अच्छा लगता हो उससे हमारे शारीर को बहुत अधिक आराम मिलता है जिसके फलस्वरूप हमारे मस्तिष्क में सकारात्मक सोच उत्पन्न होता है। संगीत हमारे मूड को तुरंत चुस्त कर देता है और सभी प्रकार के सकारात्मक विचारों को हमारे अंदर उत्पन्न करने में मदद करता है। 


सकारात्मक पढ़ें, नकारात्मक को दूर करें

यदि आप छात्र है और अपने आप को सकारात्मक सोच से भरना चाहते हैं तो अपने पाठ्यक्रम और नोट्स के अलावा अच्छी किताबे जो आपको पढ़ने में अच्छा लगता हो उसे पढ़ें। इससे आपके अंदर सकारात्मक विचार उत्पन्न होगा। यह काम कभी कभी बहुत अधिक थकाऊ भी हो सकता है। इसलिये छात्र से अनुरोद है कि यदि ऐसा लगे तो आप लिखने की भी आदद डाल सकते हैं। आप ऐसी किसी भी चीज के बारे में लिख सकते हैं जिसमें आपकी रुचि हो। इस प्रकार की शैली कभी कभी मन को बहुत अधिक सुकून देती है जिसके स्वरुप सकारात्मक ऊर्जा और सोच उत्पन्न होता है। आज के वर्तमान समय में बहुत सारे ऐसे सोशल मीडिया भी है जाहां पर आप आपने रुचि के अनुसार लिख और पढ़ सकते हैं और अपने सोच को सकारात्मक कर सकते हैं। लेकिन कभी कभी सोशल मीडिया खतरनाक भी साबित हो जाता है क्योंकि बहुत सारे लोग नकारात्मक चीजे भी पोस्ट करते रहते हैं। जिसको पढ़कर आप नकारात्मक हो सकते हैं इसलिये ऐसे किसी भी पोस्ट से दूर रहें।


अकेलापन महसूस हो तो उसे दूर करने का प्रयास करें

अकेलापन कभी कभी हमारे मन को बहुत अधिक विचलित करता है जिसके कारण नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होता है। इसलिये ऐसा कभी हो तो आप अपने रिश्तेदारों को इसके बारे में बाताये और अकेलापन दूर करने का प्रयास करें।


सकारात्मक बनने के लिये नकारात्मकता से दूर रहें

किसी भी चीज की दो पहलू होती है एक नकारात्मक और दूसरा सकारात्मक। दोनों का एक दूसरे पर प्रभाव पड़ता है। इसलिये यदि आप सकारात्मक बनना चाहते हैं तो आपको नकारात्मक चीजों से दूर रहना पड़ेगा। बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो नकारात्मक बाते करते रहते हैं और ऐसे लोग अपने साथ आने वाले सभी लोगों को नकारात्मक बनाने की पूरी कोशिश करते हैं। ऐसे लोगों से हमेशा दूर रहे नहीं तो आपके अंदर भी इंही के तहर नकारात्मक चीजे उत्पन्न होने लगेगा। ऐसे लोगों की पहचान करें और उससे दूर रहें।


शौक को मारना बंद करों

ऐसा माना जाता है कि हर किसी व्यक्ति कें अंदर कुछ न कुछ करने का शौक होता है। बहुत से लोग कुछ अपने खास परीस्थितियों के कारण उसे मारने लगते हैं जिसके कारण उनके अदंर नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होने लगती है। इसके बाद वे जो भी कार्य करते हैं उनका वह कार्य सफल नहीं हो पाता क्योंकि उस पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव पड़ने लगता है। जीवन में सफलता पाने के लिये हमारे जो भी शौक है उसे मारे नहीं बल्की पूरा करना का प्रयास करें। इससे आपका सोच भी सकारात्मक बनेगा और फलस्वरूप आपका कार्य भी सफल होगा। हमें अपने प्राथमिक कार्य करने के साथ साथ अपने शौक भी पूरा करते रहना चाहिये, कभी भी उसे मारने का प्रयास न करें। अपने कल के सपने के लिये अपने शौक और प्रतिभा की बली मत दो।


अच्छी नींद

कहते हैं न कि अनुशासन सकारात्मक जीवन की कुंजी होती है। यदि आप धार्मिक और यथार्थवादी कार्यक्रम का पालन करते हैं तो पूरी और गहरी नींद ले, सही समय परो सोने का प्रयास करें, अच्छा खाना खाऐं, अच्छी तरह से व्यायाम करें। ऐसा करने में आप सफल होते हैं तो आपके अंदर खुदबखुद सकारात्मक सोच उत्पन्न होने लगेगा।


एक समय में एक काम

यदि आप अपने लक्ष्य को पाना चाहते हैं तो एक समय में एक ही काम करें। ऐसा करेंगे तो आप अपने काम में अच्छी तरह से मन ला पायेंगे और जिसके फलस्वरूप आपके अंदर सकारात्मक भावना जागृत होगी। हमारा मस्तिष्क भी एक समय में एक कार्य को करने के लिये बना है। यदि हम ऐसा नहीं करते तो हम काफी परेशानी में फसने लग जाते हैं जैसे ठीक समय पर कार्य का पूरना न होना, एक कार्य पूरा होना और दूसरा का रह जाना। ऐसी अवस्था में नकारात्मक ऊर्जा हमारे अंदर उत्पन्न हो सकती है।


एक कार्य को पूरा करने के बाद थोड़ा आराम करें

दोस्तों जब आप कोई कार्य करते हैं तो उसे पूरा करने के बाद दूसरा कार्य पूरा ना करें। दूसरे कार्य करने के पहले थोड़ा आराम करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपके मस्तिष्क और शरीर दोनों को थोड़ा रेस्ट मिल जाता है। जिसके फलस्वरूप आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा और सोच उत्पन्न होता है। किसी भी दो कार्यों के बीच में छोटी-छोटी टहलने, छोटी-छोटी झपकी या छोटे-छोटे ब्रेक लेने से मन शांत और तनाव मुक्त हो जाता है। सकारात्मक सोच इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप ब्रेक में क्या करते हैं।


इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन से बचें:

आज का जीवन बहुत अधिक डीजिटल हो गाय है। आज इंटरनेट और सोशल मीडिया  के बिना लोगों को जीना पसंद नही है। बहुत से लोग हर वक्त किसी न किसी इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन से चिपके रहते हैं। जिस कारण उनके शीरर और मन को बहुत अधिक थकावट होता है और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती है। जितना हो सके इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन से दूर रहे और जरुरत हो भी थो उसे काम के अनुसार ही करें। जब आपको लगने लगे की थकावट हो रही है और नकारात्मक शक्ति शरीर में प्रवेश कर रही है तो तुरंत ही इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन को अपने से दूर रखें और सकारात्मक सोचना शूरू कर दें।


कार्य को करने में जल्दबाजी न करें

दोस्तों आज अपना कार्य को जल्दी कौन नहीं करना चाहता। आपने अक्सर सुना होगा कि जल्दी का काम शैतान का। दोस्तों जब आप किसी भी कार्य को जल्दी बाजी में करते हैं तो उस कार्य को कितना अधिक परफैक्ट कियी जा सकता है इसके बारे में नहीं सोच पाते। जिसके कारण होता यह है कि कभी कभी वह कार्य बिगड़ जाता है और हमारे अंदर नकारात्मक बाते आने लगती है। ठीक इसके विपरीत किसी कार्य को सोच समझकर करते हैं और उसको जितना समय लगना चाहिये उस पर उतना समय लगाते हैं तो आपको उसमें 100 प्रतिशत सफलता मिलती है। फलस्वरूप आपके अंदर सकारात्मक सोच उत्पन्न होने लगती है।


आशावादी बने

यदि आप आशावादी है और जीवन में कुछ बड़ा करने की सोच रखते हैं तो आपको सकारात्मक सोच रखने की बहुत जरुरी है। किसी भी कार्य को करने का सकारात्मक कदम वही है जो आपको कुछ करने के लिये बड़ी बाधाओ से दूर रखने में आपकी मदद करें। सकारात्मक ऊर्जा आशावादी लोगों में कार्य को पूरा करने का जनून पैदा करता है। याद रखें कि जीवन में कभी-कभी कठिनाई आती है और परिस्थियां बदत्तर हो जाती है, ऐसे समय में हमे सम्भालने का कार्य सकारात्मक ऊर्जा करती है। इसलिये नकारात्मक ऊर्जा से दूर रहें।


जीवन में सफल कैसे पा सकते हैं

हर व्यक्ति अपने जीवन में सफलता प्राप्त करना चाहता है। कुछ लोग अपना जीवन सोचकर व्यतीत करते हैं तो कुछ लोग अपने सपना को पूरा करने में लगे रहते हैं। लेकिन कभी कभी यह पता नहीं लग पाता कि सफलता मिलेगी कैसे। आज हर व्यक्ति सफल इंसान बना चाहता है। कुछ लोग सफल होने के लिये शोर्टकट का सहारा लेते हैं तो कुछ लोग योजनाबध्द तरीके ले उसके पाने के लिये लगे रहते हैं। लेकिन सफलता मिलती किसी है, यह किसी से छीपा नहीं है। जो लोग योजनाबध्द तरीके से मेहनत करते हैं और सकारात्मक सोच के साथ लगे रहते हैं, उनको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।

Also Read: सफलता और असफलता


सफलता पाने के लिये सीखना भी बहुत जरुरी है। सीखना सफलता की कुंजी है। सीखना बंद तो जीतना बंद, यह अक्सर अमिताभ बच्चन के मुख से सुना होगा। यह बिल्कुल सहीं है। यदि आपमें सीखने की इच्छा शक्ति है तो आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा स्वंय उत्पन्न होने लगती है। इसके फलस्वरूप आप कार्य को सीखकर उसे करने में निपुण हो जाते हैं और आपको सफलता मिल जाती है। फर्क इस बात से नहीं पड़ता की आप क्या कर रहे हैं, फर्क तो इस बात से पड़ता है कि आप क्या सीख रहे हैं।


सकारात्मक सोचो, सकारात्मक बनो और सकारात्मक करों, इससे सफलता अवश्य मिलेगी।- VK Singh

24 मार्च 2020

WHO: Protect Yourself and others from COVID-19

Protect Yourself and others from COVID-19

World Health Organization


Protect Yourself and Others from Getting Sick

Wash Your Hands: 


  1. After Coughing or sneezing.
  2. When Caring for the sick.
  3. Before, during and after you prepare food.
  4. Before eating.
  5. After Toilet use
  6. When hads are visibly dirty. 
  7. After handling animals or animal waste. 

Wash Your Hands: 

  1. Wash your Hands with soap and running water when hands are visibly dirty. 
  2. If your hands are not visibly dirty, frequently clean them by uning alcohol based hand rub or soap and water.

Reduce you risk of corona virus infection: 


  1. Clean hands with soap & water or alcohol-based and rub.
  2. Cover nose and mouth when coughing and sneezing with tissue or flexed elbow. 
  3. Avoid close contact with anyone with cold or flu-like symptoms.

Through cood meat and eggs: 

  • No unprotected contact with live wild or farm animals. 

Protect others from getting sick: 

  1. When coughing and sneezing cover mouth and nose with flexed elbow or tissue. 
  2. Throw tissue into closed bin immediately anfter use. 
  3. Clean hand with alcohol-based hand rub or soap water after coughing or sneezing and when caring for the sick. 

Be Ready for Coronavirus: 

WHO is giving advice on how to protect ourselves and other: 

  • Be safe from corona virus infection. 
  • Be Smart and inform yourself about it. 
  • Be Kind and support one another. 

Be SMART and inform yourself about Corona virus: 


  • Follow accurate public health advice from WHO and you local health authority. 
  • Follow the news on latest corona virus updates. 
  • To avoid spreading rumors, always check the source you are getting information from.
  • Don't spread rumors.


Suvichar 4 you : Health tips

खुद को और दूसरों COVID-19 से कैसे सुरक्षित रखें


खुद को और दूसरों बीमार होने से सुरक्षित रखें


  1. अपने हाथ को ध्यानपूर्वक धोयें: 
  2. खाँसी या छींकने के बाद।
  3. जब बीमार लोगों का देखभाल कर रहे हैं। 
  4. भोजन बनाने से पहले अपने हाथ को धोयें। 
  5. खाने से पहले हाथ को धोयें। 
  6. शौचालय उपयोग के बाद हाथ को धोयें। 
  7. जब हाथ गंदा दिख रहा हो तब हाथ को धोयें। 
  8. जानवरों या जानवर के कचरे को साफ करने के बाद हाथ को धोयें। 

Protect Yourself and others from COVID-19

Protect Yourself and others from COVID-19

Protect Yourself and others from COVID-19

Protect Yourself and others from COVID-19

Protect Yourself and others from COVID-19

Protect Yourself and others from COVID-19

Protect Yourself and others from COVID-19

यह ब्लॉग खोजें